शक्ति उपासना का पावन पर्व: गुप्त नवरात्रि 2026

”या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”
आध्यात्मिक ऊर्जा के संचय और साधना के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge System) में गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व है। जहाँ चैत्र और शारदीय नवरात्रि सामाजिक उत्सवों का प्रतीक हैं, वहीं आषाढ़ और माघ मास की गुप्त नवरात्रि ‘अंतर्मुखी साधना’ और ‘सिद्धि’ के लिए समर्पित होती है।
🔍 गुप्त नवरात्रि क्यों है विशेष?सामान्य नवरात्रि में हम देवी के नौ रूपों की पूजा करते हैं, लेकिन गुप्त नवरात्रि में ‘दस महाविद्याओं’ की उपासना की जाती है। यह समय उन साधकों के लिए अमूल्य है जो तंत्र, मंत्र और ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) की गहराई में उतरना चाहते हैं।

✨ 10 महाविद्याएँ: ब्रह्मांड की दस शक्तियाँमाँ काली: काल और परिवर्तन की शक्ति।माँ तारा: मुक्ति और ज्ञान की देवी।माँ त्रिपुर सुंदरी: पूर्णता और सौंदर्य।माँ भुवनेश्वरी: अंतरिक्ष और ब्रह्मांड की स्वामिनी।माँ छिन्नमस्ता: आत्म-त्याग और जीवन-मृत्यु का चक्र।माँ भैरवी: तेज और परिवर्तन का स्वरूप।माँ धूमावती: शून्यता और वैराग्य।माँ बगलामुखी: वाक् शक्ति और विजय।माँ मातंगी: कला, संगीत और ज्ञान।माँ कमला: समृद्धि और चेतना।
🏛️ इंडियन नॉलेज सिस्टम (IKS) और साधनाहमारी प्राचीन शिक्षा पद्धति सिखाती है कि “पिण्डे सो ब्रह्माण्डे” — जो ब्रह्मांड में है, वही हमारे शरीर में है। गुप्त नवरात्रि के दौरान किए जाने वाले जप, तप और ध्यान हमारी कुंडलिनी शक्ति को जाग्रत करने और मानसिक स्पष्टता प्राप्त करने के वैज्ञानिक तरीके हैं।यह समय केवल बाहरी पूजा का नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर छिपे विकारों को दूर कर आत्म-ज्ञान (Self-Realization) प्राप्त करने का है।📝 साधकों के लिए विशेष सुझावगोपनीयता: जैसा कि नाम से स्पष्ट है, अपनी साधना और संकल्प को गुप्त रखें।सात्विक जीवन: आहार और विचार की शुद्धता बनाए रखें।मन्त्र जप: अपनी राशि या गुरु निर्देशानुसार विशिष्ट मंत्रों का मानसिक जाप करें।ज्योतिषीय परामर्श एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए:यदि आप अपनी कुंडली के अनुसार इस नवरात्रि में विशेष साधना की विधि जानना चाहते हैं, तो आप संपर्क कर सकते हैं।शुभम भवतु!आप सभी की साधना सफल हो और माँ भगवती का आशीर्वाद आप पर बना रहे।


