मकर संक्रांति – प्रकाश, विज्ञान और परंपरा का संगम 🌞✨​सप्रेम नमस्ते,​आज मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर, हमारी संस्था (जो इंडियन नॉलेज सिस्टम – IKS के मूल्यों पर आधारित है) आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करती है।​यह पर्व केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत नहीं है, बल्कि यह हमारे प्राचीन भारतीय विज्ञान और जीवन दर्शन का अद्भुत मेल है:​खगोल और ज्योतिष (Astronomy & Astrology): आज सूर्य देव उत्तरायण होकर मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। यह अंधकार पर प्रकाश की विजय और सकारात्मक ऊर्जा के संचार का प्रतीक है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय संकल्प और नई शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ है।​आयुर्वेद और स्वास्थ्य: हमारी परंपरा में आज तिल-गुड़ के सेवन का विधान है। आधुनिक विज्ञान भी मानता है कि सर्दियों में यह संयोजन हमारे मेटाबॉलिज्म को बेहतर और शरीर को ऊर्जावान रखता है।​न्याय और दान (Law & Ethics): मकर संक्रांति हमें ‘परहित’ (दूसरों की भलाई) का संदेश देती है। एक न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए दान और सहयोग की भावना अनिवार्य है, जो हमारी संस्था का मुख्य स्तंभ है।​आइए, इस संक्रांति पर हम संकल्प लें कि हम अपने प्राचीन ज्ञान (IKS) को आधुनिक प्रगति के साथ जोड़कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे।​”तिल-गुड़ घ्या आणि गोड गोड बोला!”(तिल-गुड़ खाएं और प्रेम व मिठास भरी वाणी बोलें)​शुभ मकर संक्रांति! 🚩

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